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Wednesday, September 21, 2011

Hindi Poem ( Chaha Nahin Ki Mein Surbala ke Gehnon Mein Guntha Jaoon)

Hindi Poem ( Chaha Nahin Ki Mein Surbala ke Gehnon Mein Guntha Jaoon)


चाह नहीं मैं सुरबाला के
गहनों में गूँथा जाऊँ,
चाह नहीं, प्रेमी-माला में
बिंध प्यारी को ललचाऊँ,
चाह नहीं, सम्राटों के शव
पर हे हरि, डाला जाऊँ,
चाह नहीं, देवों के सिर पर
चढ़ूँ भाग्य पर इठलाऊँ।
मुझे तोड़ लेना वनमाली!उस पथ पर देना तुम फेंक,
मातृभूमि पर शीश चढ़ाने
जिस पर जावें वीर अनेक

- माखनलाल चतुर्वेदी ( Makhanlal Chaturvedi)




Humour/Fun - Hindi Jokes


Humour/Fun - Hindi Jokes


एक सज्जन अपनी पत्नी के साथ होटल में जाते हैं| जैसे ही अन्दर घुस रहे हैं एक महिला मिलती है और वह सज्जन को नमस्कार करती है|
पत्नि - बोलो, वह कौन थी?
पति - जरा चुप भी रहो| मैं वैसे ही परेशान हूँ, समझ में नहीं आता जब वो भी यही सवाल पूछेगी तो क्या जवाब दूँगा

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बरेलीवाले एक सज्जन जयपुर से आगरा जा रहे थे| उन्होंने सोचा टिकिट-विकिट की कौन चिन्ता करे, सीधे जा बैठे डब्बे में|
सज्जन कुछ बातूनी थे, लगे सुनाने चुटकुले|
वे बोले, अनूपशहरवाले लोग कुछ अजीब ही होते हैं| अभी जब मैं जयपुर जा रहा था तो ट्रेन में एक अनूपशरवाले मिल गये| मैंने पूछा अनूपशहर कहाँ है तो जवाब दिया बुलन्दशहर के पास| मैंने पूछ बुलन्दशहर कहाँ है तो बोले अनूपशहर के पास| सज्जन अपने ही चुटकले पर खुद जोर से हँस दिये|
कुछ देर बाद बोले - ट्रेन में दो अनूपशहर वाले शतरंज खेल रहे थे - और लगे हँसने, उन सज्जन को अपना यह भी चुटकुला बहुत पसन्द आया|
वो अभी अपने चुटकले का आनन्द ले ही रहे थे कि उनकी बदकिस्मत से एक टीटी आता दिखा| सज्जन घबरा उठे| साथवाले मुसफिरों ने देखा तो पूछा क्या बात है आप घबरा क्यों गये| सज्जन बोले टिकिट नहीं है और टीटी साहब आरहे हैं| मुसाफिरों ने समझाया चिन्ता ना करें, पूछे तो कह देना कि मैं एक बडा नेता हूँ, सब ठीक हो जावेगा|


टीटी - टिकिट लाओ|
सज्जन - टिकिट किससे माँगते हो? पता है मैं कौन हूँ?
टीटी - सब पता है| हम बरेलीवालों को मूर्ख बनाना इतना आसन नहीं है| चलो टिकिट निकालो|
सज्जन - मैं देशका एक बहुत बडा नेता हूँ|
टीटी - इस ट्रेन में तो सुसरे रोज़ नेता आते हैं| अगर नेताओं को टिकिट बिगर सफर करने दें तो रेलवे का दिवाला निकल जायेगा| चलो टिकिट निकालो|
सज्जन - समझ के बात करो, मैं इन्दिरा गाँधी हूँ|


इतना सुनते ही टीटी सब कुछ रख हाथ जोड कर खडा हो गया और बोला - आज तक आपका नाम ही सुना था आज दर्शन भी हो गये|